रामकुमार रौतेला, वरिष्ठ पत्रकार
प्रवासी पक्षियों की गतिविधियाँ जानने जोधपुर झाल पहुंचा वनाधिकारियों का दल
– उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने किया वेटलैंड प्रबंधन और प्रवासी पक्षी विज्ञान पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
– बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के विशेषज्ञों के तकनीकी प्रशिक्षण में वन विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और परिषद के अधिकारी व कर्मचारी बने प्रतिभागी

फरह/मथुरा। आगरा – मथुरा जनपद सीमा मध्य फरह निकट स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड के प्रभावी और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पहले दिन मथुरा स्थित सभागार में तकनीकी तो दूसरे दिन जोधपुर झाल वेटलैंड पर प्रायोगिक प्रशिक्षण हुआ।
जोधपुर झाल वेटलैंड को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा वन विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है। इन दिनों यहां बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आए हुए है। इन्हीं के बीच बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी के विशेषज्ञ डॉ. केपी. सिंह ने प्रवासी पक्षियों की हेबिटाट विविधता, प्रवास–चक्र, प्रवासी मार्ग, फ्लाइट पैटर्न, माइग्रेशन मोनिटरिंग मैथड, फ्लाईट कॉल तथा व्यवहारिक पारिस्थितिकी पर विस्तृत वैज्ञानिक प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों को पीपीटी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रवासी मार्गों और वेटलैंड संरक्षण में उनकी भूमिका से परिचित कराया गया। फील्ड सत्र में जोधपुर झाल पर वेटलैंड मैनेजमेंट, माइक्रो-हेबिटाट, जलस्तर मूल्यांकन, जलीय वनस्पतियों की भूमिका, तथा घास की प्रजातियों का पक्षियों पर प्रभाव आदि विषयों का वास्तविक अध्ययन कराया गया।
भरतपुर के अनुभवी नेचर गाइड गजेन्द्र सिंह और राजवीर सिंह ने वनकर्मियों को जलीय एवं स्थलीय पक्षियों की पहचान संबंधी प्रशिक्षण दिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने कई महत्वपूर्ण प्रवासी पक्षियों—
बार-हेडेड गूज, ग्रे-लैग गूज, नॉर्दर्न शोवलर, टफ्टेड डक, गेडवाल, कॉमन पोचार्ड, यूरेशियन विजन, कॉमन टील, रूडी शेल्डक, ग्रेटर कॉर्मोरेंट, पेंटेड स्टॉर्क, वूली-नेक्ड स्टॉर्क, यूरेशियन कूट, कॉमन रेड-शेंक, स्पॉटेड रेड-शेंक, ग्रीन शेंक, ब्लूथ्रोट, साइबेरियन स्टोनचैट आदि का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि “ब्रज की झीलें, वन और जैव विविधता हमारी जीवंत धरोहर हैं। इनका संरक्षण हमारा दायित्व होने के साथ-साथ हमारा धर्म भी है।” परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा ने बताया कि जोधपुर झाल सेन्ट्रल एशियन फ्लाईवे का महत्वपूर्ण वेटलैंड है। इसको विकास करने के लिए तकनीकि प्रशिक्षण के दूरगामी परिणाम होंगे। प्रशिक्षण में
वन विभाग के 30 अधिकारियों व कर्मचारियों सहित परिषद के एसीईओ मदन चंद्र दुबे, उप प्रभागीय वन अधिकारी सुशील कुमार और मनीष कुमार शर्मा सहित वन दरोगा शामिल रहे। संचालन में बीआरडीएस की निधि यादव और अनुज यादव का विशेष योगदान रहा।








