श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा है कि यह विषय किसी विवाद का नहीं, बल्कि विश्वास और विरासत के पुनर्जागरण का प्रश्न है। उन्होंने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में जन्म लिया, इसलिए उनका भव्य मंदिर भी यहीं होना चाहिए — यही ब्रज की आत्मा का सम्मान है।
श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट
महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, वर्तमान में जन्मभूमि की लगभग ढाई एकड़ भूमि पर मुगल शासक औरंगज़ेब के काल में मस्जिद का निर्माण कराया गया था। न्यास का उद्देश्य उस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर पुनः स्थापित करना है, ताकि भक्त निर्बाध रूप से अपने आराध्य के जन्मस्थल के दर्शन कर सकें।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट मध्य में जर्मनी के संत परम अद्वैत जी महराज और वृंदावन के प्रमुख संत श्यामानंद जी महाराज
महेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि ब्रजभूमि की पहचान और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की गरिमा पुनर्स्थापित करने का शांतिपूर्ण संकल्प है।
हम संतों के आशीर्वाद से यह प्रयास कर रहे हैं कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि अपने असली स्वरूप में जगमगाए — यह हमारी आस्था, संस्कृति और आत्मसम्मान की पुनःस्थापना है।” महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट