रासायनिक खाद का वैकल्पिक नैनो उर्वरक – किसानों के समृद्ध भविष्य की दिशा में इफको की अनूठी पहल।
किसानों को जानकारी देते इफको के अधिकारी
इफको मथुरा द्वारा आज ब्लॉक बलदेव क्षेत्र में किसानों के बीच नैनो डीएपी आधारित कंद एवं बीज उपचार महाअभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में नैनो उर्वरक के उपयोग से परिचित कराना और उन्हें आधुनिक, टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना है।
इफको के प्रचार वाहन के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो डीएपी के फायदों और उपयोग की वैज्ञानिक विधि की जानकारी दी गई। इफको अधिकारियों ने किसानों के समक्ष नैनो डीएपी से बीज उपचार की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और उन्हें समझाया कि बीज उपचार के पश्चात जब फसल की लगभग 30 से 35 दिन की हो जाती है, तब नैनो डीएपी का पर्णीय छिड़काव (foliar spray) किया जाना अत्यंत लाभकारी रहता है। इससे पौधों की जड़ों की वृद्धि, पत्तियों की हरियाली और उपज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
अभियान के दौरान उपस्थित किसानों ने इस पहल की सराहना की और अपने खेतों में नैनो डीएपी के प्रयोग का आश्वासन दिया। वहीं इफको अधिकारियों ने कहा कि नैनो उर्वरक न केवल लागत को कम करता है, बल्कि मिट्टी की सेहत को भी बनाए रखता है और पर्यावरण के अनुकूल है।
इफको द्वारा चलाया जा रहा यह महाअभियान किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय खेती की दिशा में अग्रसर करने का एक प्रभावशाली प्रयास है। इस अभियान के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और जल संरक्षण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इफको का उद्देश्य है कि हर किसान उन्नत तकनीक से जुड़कर अपनी खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाए। इसी कड़ी में नैनो डीएपी जैसे उत्पाद किसानों के लिए कम लागत, अधिक उत्पादन और बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।