श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति में गौड़िय मठ भी निभाएंगे सशक्त भूमिका : महेंद्र प्रताप

मनोज चौधरी। गोवर्धन से।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति में गौड़िय मठ भी निभाएंगे सशक्त भूमिका : महेंद्र प्रताप

श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

विश्व वैष्णव संघ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भी आए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के संग

गोवर्धन स्थित गिरधारी गौडिया मठ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए चल रहे आंदोलन ने अब नई ऊर्जा प्राप्त कर ली है। अब गौड़िय मठ की परंपरा से जुड़े संत भी इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। सोमवार को गोवर्धन स्थित गिरधारी गौड़िय मठ में आयोजित बैठक में यह निर्णय हुआ कि देश-विदेश के सभी गौड़िय मठ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के साथ मिलकर इस धर्मयुद्ध में सक्रिय भूमिका निभाएंगे

क्यू आर कोड को स्कैन कर जुड़े श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास से

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा अब समय आ गया है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की कब्जाई गई भूमि को वापस लिया जाए। जिस स्थान पर चैतन्य महाप्रभु ने प्रभु श्रीकृष्ण की आराधना की थी, आज वह विधर्मियों के कब्जे में है, यह किसी भी भक्त के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि सन 1515 में चैतन्य महाप्रभु मथुरा आए थे। उन्होंने विश्राम घाट पर यमुना में स्नान किया, फिर जन्मभूमि के निकट बाबड़ी पर बनी कोठरी में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की थी। महेंद्र प्रताप ने कहा कि जहां-जहां चैतन्य महाप्रभु के चरण पड़े, उन सभी स्थलों का संरक्षण और पुनरुद्धार अब हमारा धर्म है उन्होंने बताया कि इससे पहले वृंदा कुंज, चैतन्य गौड़िय मठ और यमुनानगर गौड़िय मठ में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। यह केवल आंदोलन नहीं, यह वैष्णवों का संकल्प है उन्होंने कहा। महेंद्र प्रताप ने बताया कि विश्व वैष्णव संघ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपानंद वन महाराज ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दुनिया भर के गौड़िय मठ के अनुयायी इस आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि

माधव महाराज ने कहा अब केवल चर्चा नहीं, कार्रवाई का समय है। नरसिंह महाराज बोले जिस भूमि पर चैतन्य महाप्रभु ने विश्राम किया, उसका अपमान सहन नहीं किया जाएगा। 

जनार्दन महाराज ने कहा यह आंदोलन भक्ति की नहीं, धर्म की रक्षा का प्रतीक है।  हरिजन महाराज बोले अब मूक संत नहीं, मुखर सन्यासी बनना होगा। 

भारती महाराज ने कहा मथुरा का हर कण श्रीकृष्ण का है, इसे कोई अपवित्र नहीं कर सकता। 

पंडित राजेश गौड़ ने आह्वान किया हर भक्त अपने स्तर से इस मुक्ति यज्ञ में आहुति दे।”

गिरधारी गौड़िय मठ, गोवर्धन के महंत ने कहा कि यह धरती अब फिर से सत्य की गूंज से भरेगी।