मालेगांव बम ब्लास्ट का फैसला, हिंदुओं को बदनाम करने वालों के मुंह पर करारा तमाचा : महेंद्र

मालेगांव बम ब्लास्ट का फैसला हिंदुओं को बदनाम करने वाले के मुंह पर करारा तमाचा : महेंद्र

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष बोले हुई है सत्य की जीत

मथुरा: वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के माले गांव में हुए बम ब्लास्ट की घटना को लेकर आए एनआईए की विशेष अदालत के फैसले में हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश करने वालों के लिए करारा तमाचा है। इस घटना में जिन सात लोग को आरोपी बनाया था, उनको बरी कर दिया गया है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि माले गांव में करीब सत्रह साल पहले हुए बम ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। उस समय कुछ लोगों ने देश में हिंदुओं को बदनाम करने के लिए एक सोची समझी नीति के तहत कार्य किया था। खास कर इस कांड की आड़ में दक्षिण पंथी हिंदुओं को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। एनआईए की विशेष अदालत ने आज (गुरुवार) अपना निर्णय सुनाया तो हिंदुओं को बदनाम करने वाले की साजिश नाकाम हो गई और सत्य की विजय हुई। न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि हिंदू धर्म में हिंसा को पहले भी कोई स्थान न था और न आज है। जो लोग हिंसा कर रहे हैं, वह देश के शत्रु हैं और उनको कठोर दंड मिलना चाहिए। जिन लोगों ने माले गांव में बम ब्लास्ट किया था, उनकी पहचान कर उनको दंडित किया जाना चाहिए।