साधु संतों को बहुत बड़ी राहत दे गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, टेक्सटाइल उद्योग को भी दे गए संजीवनी

संतों के आश्रम पर लगेगा नाममात्र का हाउस और वाटर टैक्सः योगी
-साड़ी उद्योग की नहीं काटी जाएगी बिजली, एनजीटी और नेशनल मिशन क्लीन गंगा के आदेश की मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा समीक्षा
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के समक्ष रखी थी समस्या
-मुख्यमंत्री ने डीएम, नगर आयुक्त और विद्युत निगम के अधिकारियों को दिए आदेश
मनोज चौधरी, मथुराः उत्तर प्रदेश के मुख्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वार्ता करते केबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण

मंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को साधु संतों और साड़ी उद्योग को एक बड़ी राहत दे गए। मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने वृंदावन में साधु संतों के आश्रम पर लगाए गए आठ से दस लाख रुपये तक के वाटर और हाउस टैक्स को नाममात्र का टैक्स लगाए जाने के आदेश मुख्यमंत्री ने डीएम और नगर आयुक्त देते हुए कहा कि ताकि साधु संतों का नाम आश्रम से जुड़ा रहेेगा। इसके साथ ही विद्युत निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई और कहा, किसी भी टैक्सटाइल उद्योग के विद्युत कनेक्शन को किसी भी सूरत में न काटा जाए। टीटीजेड, एनजीटी और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के जो भी आदेश हैं, उन सभी को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाए। वह स्वयं इन आदेशों की समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 नवंबर को मथुरा दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मथुरा आए। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में मुख्यमंत्री ने बुलाई अधिकारियों की बैठक में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायाण ने दो दिन पहले वृंदावन के गौरांग आश्रम में हुई साधु संतों की बैठक में उठाए गए आश्रमों पर लगाए गए हाउस और वाटर टैक्स के मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के समक्ष रखा। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि नगर निगम ने एक-एक आश्रम पर आठ से दस लाख रुपये का हाउस और वाटर टैक्स लगाया है। इसकी अदायगी करने को लेकर साधु संत परेशान हैं। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री से साधु संतों को हाउस और वाटर टैक्स में राहत देने की भी मांग की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने जिले के टैक्सटाइल उद्योग के ऊपर मंडरा रहे संकट की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड की स्थानीय इकाई टीटीजेड, एनजीटी और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आदेश की आड़ में साड़ी उद्योग को बंद कराने के प्रयास किए जा रहे है। अब तक दो दर्जन से अधिक साड़ी उद्योग के विद्युत कनेक्शन काटने के नोटिस जारी कर दिए गए है। कैबिनेट मंत्री ने कहा, साड़ी उद्योग के कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कभी यही साड़ी उद्योग मथुरा की पहचान हुआ करता था। उद्योगों के विद्युत कनेक्शन कट जाने से यहां का साड़ी उद्योग भी बंद हो जाएगा। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों मुद्दों को गंभीरता से लिया और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों और विद्युत निगम के अधिकारियों को आदेशित किया कि साड़ी उद्योगों के किसी भी दशा में विद्युत कनेक्शन नहीं काटा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो एनजीटी और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आदेश हैं, उनको मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाए। वह इसकी स्वयं समीक्षा करेंगे। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और नगर आयुक्त शशांक चौधरी को भी मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि संतों के आश्रमों पर नाममात्र का ही हाउस और वाटर टैक्स लगाया जाए। ताकि साधु संतों का नाम आश्रम से जुड़ा रहे।