अनुज गुप्ता
केंद्रीय और राज्य वित्त की प्रगति में मथुरा का जिला पंचायती राज विभाग टॉप पर रहा। ये धनराशि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए प्राप्त हुई। डिप्टी डायरेक्टर एके शाही ने शुक्रवार को राजीव भवन के सभागार में के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी की कार्यशैली की भी तारीफ की।
डिप्टी डायरेक्टर एके शाही ने सीएम डैशबोर्ड में पंचायती राज के दो प्रमुख बिंदु केंद्रीय वित्त और राज्य वित्त प्रगति में प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर कहा कि इस रैकिंग को शिखर पर ही बनाए रखा जाए। उन्होंने बताया, एडीओ पंचायत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, रेट्रोफिटिंग के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। इसमें गुणवत्ता मानकों में कमी पाए जाने पर सचिव और प्रधान को दोषी माना जएगा। उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। पंचायत सचिवालय, सामुदायिक शौचालय पर पंचायत सहायक और केयरटेकर की प्रतिदिन की उपस्थिति आवश्यक है। अनुपस्थिति रहने पर सबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि उपस्थिति भी जल्द प्रक्रिया प्रारंभ हो जएगी। साथ ही यह भी कहा, ग्रामीणों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण का कार्य निर्धारित समय अवधि के अंदर किया जाए। इसका ब्यौरा ग्राम सचिवालय पर ही तैयार किया जाए। डीडी ने इस बात के भी साफ संकेत दिए ग्रामीणों की शिकायत लेकर जिला और मंडल कार्यालय पर नहीं आना चाहिए।
ग्राम पंचायत के पेंडिंग ऑडिट प्रस्तरों पर डीडी ने नाराजगी जताई और कहा कि जिन ग्राम सचिवों के सर्वाधिक प्रस्तर लंबित हैं। उनका एक सप्ताह में समाधान कर लिया जाए। न होने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराने की कार्रवाई की जएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी नितिन कुमार ,जिला कंसलटेंट पवन कुमार ,शेखर कुमार, आदित्य, जिला प्रबंधक राहुल शर्मा एवं अपर जिला प्रबंधक राजेश सोलंकी ,समस्त एडीओ पंचायत एवं खंड प्रेरक बैठक में

उपस्थित रहे।








