-बिहारी जी पर भी बदलेगी दर्शन व्यवस्था, पंजीकरण योजना पर कभी भी लग सकती है मुहर
मनोज चौधरी

aaditya mangal news
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पिछले वर्ष ठाकुर बांके बिहारी जी की मंगला आरती के दर्शन के समय मंदिर परिसर में मची भगदड़ और उसमें दम घुटने से हुई दो श्रद्धालुओं की मृत्यु की घटना की पुनरावृत्ति रोकने को पुलिस प्रशासन ने इस बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कान्हा के प्राकट्योत्सव पर अभिषेक और बांके बिहारी जी की मंगला आरती के दर्शन व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। पहली बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के प्राकट्योत्सव पर अभिषेक के लाइव दर्शन कराने को अंदर-बाहर स्क्रीन लगाई जाएंगी। बांके बिहारी की मंगला आरती के समय भीड़ नियंत्रित करने के भी कड़े बंदोबस्त होंगे। पंजीकरण व्यवस्था से ठाकुर जी के दर्शन कराने की योजना पर अब कभी भी प्रशासन की मुहर लग सकती है।
इस बार बार सात सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ठाकुर बांके बिहारी जी मंदिर पर असंख्य श्रद्धालु पहुंचते है। अन्य मंदिरों में द्वारकाधीश, प्रेम मंदिर, इस्कॉन समेत सप्त देवालयों में भी कान्हा का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। हजारों लोग इन मंदिरों के भी दर्शन करते है। पिछले साल की घटना को मद्देनजर पुलिस प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की योजना को अंतिम रूप प्रदान करने में जुटा हुआ है। एडीजीपी अनुपम कुलश्रेष्ठ गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करके गई और उनके दूसरे दिन शुक्रवार को कमिश्नर रितु महेश्वरी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी सुरक्षा आनंद कुमार और नगर आयुक्त अनुनय झा भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमिश्नर ने बताया, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के अभिषेक के दर्शन करने देश दुनिया से असंख्य श्रद्धालु आते है। इसी तरह ठाकुर बांके बिहारी जी की मंगला आरती के दर्शन करने को पहुंचते है। कमिश्नर ने बताया, पहली बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कान्हा के प्राकट्योत्सव के अभिषेक के दर्शन करने के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर अंदर-बाहर स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु अभिषेक के लाइव दर्शन कर सके। उनका कहना था, इससे श्रद्धालुओं को प्राकट्योत्सव के लाइव दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
-पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी फोकस: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में ट्रैफिक मैनेजमेंट और पार्किंग व्यवस्था पर पुलिस और प्रशासन का ध्यान केंद्रित है। श्रद्धालुओं के आगमन वाले रास्तों पर ही पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो। यातायात व्यवस्था को भी इस तरह व्यवस्थित किया जाएगा कि कहीं भी जाम की स्थिति पैदा न होने पाए। इस पर अभी मंथन जारी है। जल्द ही इन सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।
-रोशनी की व्यवस्था, करंट से बचाव : पर्व पर किसी भी मार्ग पर अंधेरा नहीं रहेगा। सभी मार्ग पर लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। अभी कुछ स्थानों पर रात के समय अंधेरा रहता है। उन स्थानों का अधिकारियों को निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के बाद वह वहां रोशनी के पर्याप्त इंतजाम करेंगे। इतना ही नहीं, खंभों में करंट आने की आशंका को लेकर बचाव के उपाय किए जाएंगे।








