ठाकुर बांके बिहारी अब नहिं होइहि दर्शन सुखारी

ठाकुर जी के दर्शन को आए भक्त

भक्तों के जन समुद्र से जाम हो गई वृंदावन की राहें
-आवागमन को सामान्य करने में अफसरों के छूटे पसीने

Aaditya mangal news

कहा जाता था, राधा वल्लभ दर्शन दुर्लभ। अब इन पंक्तियों को ही भूल जाओ। आज तो ठाकुर बांके बिहारी अब नहिं होइहि दर्शन तुम्हारे सुखारी का वाक्य याद रखिए। रविवार को वृंदावन में यह दृश्य देखा गया। ठाकुर बांके बिहारी जी मंदिर के ओर जाने वाले राहें भक्तों से खचाखच भरी हुई थीं। एक कदम रखने के लिए भी भूमि शेष न रही। एक के पीछे एक भक्त ठाकुर जी के दर्शन करने को सरकते नजर आए। ठाकुर जी के आंगन में भी धक्का-मुक्की का माहौल दिखाई दिया। गर्मी और उमस से भक्तों का तन बदन पसीने से तरबतर हो गए। बच्चे और महिलाएं भीड़ के दबाव से व्याकुल हो गए। मगर, ठाकुर जी की चौखट पर माथा टेक कर भक्तों ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद लिया।
रविवार की सुबह से ही वृंदावन की तरफ जाने वाले मार्गों पर दो और चार पहिया वाहन की आगमन शुरू हो गया। समय का चक्र आगे बढ़ता गया और वृंदावन की गलियों में लोग एकत्र होते चले गए। परिक्रमा मार्ग पर श्री राधे कृष्ण और ठाकुर बांके बिहारी जी के जयघोष के साथ भक्त परिक्रमा लगा रहे थे, जबकि दूसरी तरफ मंदिर की ओर जाने वाली गलियों में ठाकुर जी के दर्शन करने को भक्त जमा होने लगे। मंदिर में प्रवेश करने की गति धीमी होने से गलियां खचाखच भर गई। अंतिम पंक्ति में लगे भक्तों को तीसरे पहर के बाद दर्शन सुलभ हो सके। मंदिर के पट होने तक यही तस्वीर वृंदावन की रही।

-बांके बिहारी की कृपा से ही नियंत्रण संभव : भक्तों का जनसमुद्र अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए वृंदावन की भूमि पर आया तो भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। सुरक्षा एजेंसियां भी भीड़ का आकलन करने में नाकाम हो गईं। पुलिस के भी हाथ-पैर फूल गए। पुलिस अधिकारी समझ ही नहीं पा रहे थे कि वह भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कहां से शुरुआत करें। लग रहा था कि सुरक्षाकर्मियों ने सब कुछ ठाकुर बांके बिहारी जी के भरोसे ही छोड़ दिया। हालांकि, एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए, लेकिन भक्तों की भीड़ बेहिसाब होने के कारण सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई।

-थमे पहिए, फंसे भक्त : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृंदावन में यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए अधिकारियों के साथ वार्ता की। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद भी इसको लेकर मंथन कर चुका है। यातायात पुलिस भी वृंदावन में तैनात की जा रही है, पर कोई व्यवस्था ऐसी नहीं बन पा रही है, जिससे यातायात सामान्य बना रहे। इसके कारण भी अधिकारियों को पता है, पर उनको दूर नहीं किया जा रहा है। ई-रिक्शा वृंदावन में मुसीबत बन गए है और इनसे अधिक है प्राइवेट पार्किंग। शहर के अंदर बनी प्राइवेट पार्किंग तक वाहनों का पहुंचना और वहां स्थान न मिलने पर रोड पर खड़ा करना। ये सब जाम के कारण है। इन पर जब तक नियंत्रण नहीं किया जाएगा। भक्तों को ऐसी ही अव्यवस्था के बीच में होकर दर्शन करने के लिए जाना पड़ेगा।