नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा निर्णयकर्ता का अधिकार, लोकतंत्र होगा और मजबूत 

पंडित श्याम चतुर्वेदी, भाजपा वरिष्ठ नेता

 

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी जिला / महानगर इकाई द्वारा सोमवार को होटल माधव मुस्कान रेजीडेंसी मथुरा में नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई जिसमे में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व सशक्तिकरण और भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं महानगर की मंत्री कल्पना गर्ग ने कहा कि देश में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी संतुलित नहीं है, जिसे समाप्त करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 एक ऐतिहासिक कदम है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी में महिला मोर्चा की पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं महानगर वर्तमान मंत्री पूजा चौधरी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई यह पहल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला यह संवैधानिक संशोधन केवल एक कानून नहीं,बल्कि देश की करोड़ों माताओं,बहनों और बेटियों के सम्मान का राष्ट्रीय संकल्प है।

 

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल आरक्षण नहीं, बल्कि एक व्यापक सिस्टम सुधार है, जो महिलाओं को ‘भागीदार’ से निर्णयकर्ता’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त लोकतंत्र का प्रतीक है। वहीं जिला उपाध्यक्ष मुदिता शर्मा ने कहा

जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है और नीतियां अधिक समावेशी व संवेदनशील बनती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं। शोध बताते हैं कि जेंडर गैप कम होने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर तक की वृद्धि संभव है।

पिछले 10 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां सामने आई हैं। 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जबकि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम किए गए हैं तथा सभी क्षेत्रों में 43 प्रतिशत तक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है। वहीं जिला उपाध्यक्ष मनीष पाराशर ने बताया

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 10 करोड़ गैस कनेक्शन वितरित किए गए हैं, वहीं जल जीवन मिशन के माध्यम से 14 करोड़ से अधिक घरों तक जल पहुंचाया गया है। स्वच्छ भारत मिशन ने महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य में सुधार किया है। साथ ही 26 सप्ताह के मातृत्व अवकाश जैसे प्रावधानों से कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हुआ है तथा मातृ मृत्यु दर में भी लगातार कमी आई है। वहीं पार्षद नीलम गोयल ने कहा राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा गया कि आज महिलाएं मतदान में पुरुषों से आगे निकल रही हैं और कई चुनावों में उनका मतदान प्रतिशत अधिक रहा है। पंचायतों में लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व (करीब 14.5 लाख महिलाएं) है, जिसने जमीनी स्तर पर विकास की दिशा को बदल दिया है।

पंचायती राज के अनुभवों का हवाला देते हुए बताया गया कि महिला नेतृत्व में पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर अधिक प्रभावी कार्य होता है और जवाबदेही भी मजबूत होती है। यही मॉडल अब संसद और विधानसभाओं में लागू होगा, जिससे नीतियां अधिक जन-केंद्रित और संवेदनशील बनेंगी। वहीं सीए निकिता रुहेला ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना महिला नेतृत्व के बिना अधूरा है। नारी शक्ति केवल एक नारा नहीं, बल्कि नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जब नारी सशक्त होती है, तो समाज सशक्त होता है और जब समाज सशक्त होता है, तो राष्ट्र और अधिक मजबूत बनता है।

अंत में मीडिया से अपील की गई कि वे इस अभियान को व्यापक स्तर पर प्रसारित करें, ताकि नारी सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचे और देश एक समावेशी एवं सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मुदिता शर्मा, मनीषा पाराशर,सीए पायल खंडेलवाल डॉ झूमि कुलश्रेष्ठ भागवत आचार्य हरिवर्षा कौशल कु अंतिभा रेखा सांवलिया प्रतिभा सिंह विजयलक्ष्मी भारती वाष्र्णेय प्रियंका उपाध्याय एडवोकेट प्रतिभा शर्मा आदि मौजूद थे